FB Post of 7th April 2021
होरस मिस्र के फेरौन और आसमान के भगवान माने जाते थे।भगवान होरस का शरीर आदमी का होता था और सर शाहीन का,या कभी कभी सिर्फ शाहीन के सर से ही दर्शाया जाता था।
भगवान होरस देवी आईसिस (Isis) और भगवान ओसिरिस (Osiris) के पुत्र कहे जाते हैं। इस की कहानी है कि जब भगवान सेथ (Seth) ने भगवान ओसिरिस का बध किया तो देवी आईसिस ने उन के शरीर को जमा किया और पूजा और यज्ञ कर के ज़िंदा किया। जब पेट मे होरस आये तो भगवान ओसिरिस ने जान त्याग दिया। देवी आईसिस जंगल मे जा कर रही और वहीं होरस को जन्म दिया।
#निचे पहली तस्वीर शाहीन जानवर की है जो 320 कि०मी० के रफ़्तार से उड़ता है, कभी अपना घर या ठेकाने नही बनाता है। किसी दूसरे का मारा शिकार नही खाता है। गल्फ़ देशो मे यह 750 BC से पाया जाता है।
#दूसरी तस्वीर भगवान होरस का शाहीन का सर है, जिस के ऊपर नाग देवता हैं जो भगवान अनूबिस (Anubis) के प्रतिक हैं।यह सर मिस्र के हिराकोनोपोलिस के मंदिर मे मिला है, जो कैरो म्यूज़ियम मे रखा है। यह चार हजार साल पुराना (2345-2181 BC) है।
#तीसरी तस्वीर भगवान ओसिरिस (बीच मे), और देवी आईसिस, भगवान होरस की सोने की मूर्ती है, जो कैरो म्यूज़ियम मे है। यह सब आज एक गंभीर शोध का विषय है।
#नोट: मेरा दो पोस्ट ईक़बाल के शाहीन पर एक हिन्दी और एक अंग्रेज़ी मे zamaniyat .com पर है मज़ीद जानकारी के लिये पढ लें। यह पोस्ट हम ने कल Chaudhary M M Hayat साहेब के पोस्ट पर शाहीन देख कर लिखा है।


The head, which is made out of beaten gold, was fixed to a copper statue of the falcon Horus. It is topped by a twin-plumed headdress and decorated with a royal Uraeus or rearing Cobra.
The #eyes are inlaid with rounded, polished, obsidian pieces, very similar to that of the real bird.
Old Kingdom, 6th Dynasty, 2345-2181 BC. From Kom al-Ahmar Necropolis. Now in the Egyptian Museum, Cairo.

